स्वप्न By Tarun Kumar Soni
क्यों न आज बात की जाये, सपनों की...
दिल में अक्सर कई सपने संजोते है, आयें इसे पूर्ण करने की अभिलाषा के साथ, प्रस्तुत है मेरी यह कृति:
स्वप्न
मधुर तान के,
🎻
स्वप्न
गौरव गान के,
🤪
स्वप्न
जीतते इम्तहान के,
🤠
स्वप्न,
सच होते अरमान के,
😋
स्वप्न
खुशनुमा बगान के,
😍
स्वप्न
प्रियतम की हृदयस्पर्शी मुस्कान के!
😘
स्वप्न,
बोतल में बंद डिब्बी की तरह?
बाहर निकलने को करती, जिरह!
😔
आओ अपने मन को टटोल लें,
😚
क्योँ न डिबिया खोल लें?
😊
करें उन्मुक्त दिल की उड़ानों को,
🦋
जी जान से जुटें,
💪
पूरी करने अरमानों को
✌️
👍
लोग,
लोग तो कुछ भी कहते हैं
😅
मैं दृढ़तापूर्वक कहता हूँ
सपने आखिर सच होते हैं!
😊
🤗
🤘
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