My first post ( मेरा पहला पोस्ट ) कुछ विचार बिंदु "सकारात्मक" बनाम "यथार्थवादी"
नमस्कार दोस्तों,
मैं आज अपने पहले पोस्ट की शुरुवात करने जा रहा हूँ !
आज के इस पोस्ट की शुरुआत मैं चायनीस दार्शनिक "लाओ तजु " ( LAO TZU ) के कुछ शब्दों से करने जा रहा हूँ जो कुछ इस प्रकार से है..
मेरा दृढ़ विश्वास है कि हमें जीवन में किसी भी समय "शुरुआत" करने में, कभी भी एक पल के लिए भी नहीं झिझकना चाहिए, ना जाने क्यों इसी 'छोटी-सी' बात से अनभिज्ञ होने के कारण 'लाखों' लोग विशेषतः युवा वर्ग आज भी उन्ही पुरानी आशाओं में अपना जीवन व्यतित कर रहे है कि मेरे साथ कुछ 'अच्छा' होगा. सकारात्मक होना अच्छा है पर अपने सामने आने वाले सुअवसरों को यूँ ही गवाने में क्या समझदारी है ?
अब समय आ गया है की हम सकारात्मक होने के साथ साथ यथार्थवादी भी बनें, अपने सामने आने वाले सुअवसरों को समझकर उन्हें ग्राह्य योग्य बनायें एवं उनका पूर्ण रूप से लाभ लें, आनंद लें. हमारे साथ कुछ चमत्कार नहीं होने वाला है, जो हमने पहले बोया था वही हम पायेंगे. हम ऐसी विचारधारा को अपनाकर सादगी भरा जीवन जीने से ना ही हमें कुछ तनाव होगा और ना ही किसी प्रकार की दुविधा! :-)
आखिर तनाव भी तो अपनी योग्यता से ज्यादा करने या पाने की लालसा ही तो है... :-)
आपके स्नेह के लिए धन्यवाद !
=> संपर्क सूत्र : https://www.facebook.com/tarunkumarsoniji <=
मैं आज अपने पहले पोस्ट की शुरुवात करने जा रहा हूँ !
आज के इस पोस्ट की शुरुआत मैं चायनीस दार्शनिक "लाओ तजु " ( LAO TZU ) के कुछ शब्दों से करने जा रहा हूँ जो कुछ इस प्रकार से है..
" हजारों मीलों की यात्रा की शुरुआत एक कदम से ही होती है "
मेरा दृढ़ विश्वास है कि हमें जीवन में किसी भी समय "शुरुआत" करने में, कभी भी एक पल के लिए भी नहीं झिझकना चाहिए, ना जाने क्यों इसी 'छोटी-सी' बात से अनभिज्ञ होने के कारण 'लाखों' लोग विशेषतः युवा वर्ग आज भी उन्ही पुरानी आशाओं में अपना जीवन व्यतित कर रहे है कि मेरे साथ कुछ 'अच्छा' होगा. सकारात्मक होना अच्छा है पर अपने सामने आने वाले सुअवसरों को यूँ ही गवाने में क्या समझदारी है ?
अब समय आ गया है की हम सकारात्मक होने के साथ साथ यथार्थवादी भी बनें, अपने सामने आने वाले सुअवसरों को समझकर उन्हें ग्राह्य योग्य बनायें एवं उनका पूर्ण रूप से लाभ लें, आनंद लें. हमारे साथ कुछ चमत्कार नहीं होने वाला है, जो हमने पहले बोया था वही हम पायेंगे. हम ऐसी विचारधारा को अपनाकर सादगी भरा जीवन जीने से ना ही हमें कुछ तनाव होगा और ना ही किसी प्रकार की दुविधा! :-)
आखिर तनाव भी तो अपनी योग्यता से ज्यादा करने या पाने की लालसा ही तो है... :-)
आपके स्नेह के लिए धन्यवाद !
=> संपर्क सूत्र : https://www.facebook.com/tarunkumarsoniji <=
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